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Tuesday, August 11, 2009

आज ऐसा क्यों हो रहा है ....


आज पहली बार इतने दिनों बाद आँखों में आंसू रहे हैं
आज याद रहा है उनका खिलखिला के हसना,
आज ध्यान रहा है उनका प्यार भरी नज़रों से देखना
आज याद रहा है उनका रोना जब दुःख इस दिल में हो ...
आज नजाने क्यों जिया नही जा रहा है उनके बिन,
आज नजाने फ़िर उनकी याद में दिल घबरा रहा है...
आज उनको पाने की इच्छा से आँखे नम्म हो रही हैं
आज उनका हाथ अपने सर पे होने का एहसास चाह रहा है दिल
आज हमे उनमे अपने जीने की वजा नज़र रही है
आज उनके बिन जीवन एक इंतजार लगता है
आज, आज हमे बहुत डर लग रहा है
आज नज़रें उन्हें हर जगह ढूंड रही है
आज पल पल कह के निकल रहा है,
आज नही तो कल,उन्हें हमारी ज़िन्दगी में आना है

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